-: हिंदी कविता संग्रह :-


कवी :- राज योगेश बोरसे .
– अजनबी पुकार –
-: अजनबी पुकार :-
मुझे देखकर कोई पुकारे जा रहा था
दया की भीख मांगता वो चिल्लाये जा रहा था
जाने का मन नहीं था बिलकुल भी आज
फिर भी आगे बढ़ा जा रहा था
समां भी मुझे आज न जाने की सलाह दे रहा था
चिल्लाया वो फिर से ,पुकारा उसने जोर से
सोचा देख लू, कुछ काम हो उसको मुझसे
कहने लगी मुझसे ये दौड़ती हवा ,आज रुका तो घमासान हो जायेगा
इसलिए आज नहीं तू पग बढ़ा
कहने लगे ये पेड़ मुझसे ,आज नहीं तू खुद को आगे बढ़ा
वो उधर ही है खड़ा ,तू रुक मत तू पैर बढ़ा
आज रुका तो शायद नहीं होगा फिर से मिलना
कह रहे थे ये पंछी मुझसे रुक मत तू कदम बढ़ा
ये हवा ये पंछी सब हाथ जोड़े रो रहे थे
उनकी बाते सुनकर जवाब भी सवालो में खो रहे थे
सवाल तो कई सारे थे की वो कौन होगा
कोई पहचानका ही होगा नहीं तो चिल्लाकर आवाज थोड़ी देगा
करते ही जा रहा था वो मुझसे दरकार हजार बार
चिल्लाते और पुकारे जा रहा था बार बार
कर रहा था वो मिन्नतें मुझसे एक नहीं कई बार
एक बार बस एक बार तो मिल ले यार
अभी उसकी आवाज सुनकर मै ठहर सा गया
देखा पीछे मुड़कर और सिहर सा गया
देखा मैंने एक बार फिरसे रुक के पलट के उसकी ओर,
वो काफी थका थका सा लग रहा था ,खुद के ही सवालो में उलझा उलझा लग रहा था
लोगो की बेवफाई से शायद चिड चिड़ाया सा लग रहा था ,अपने आप से खफा खफा सा लग रहा था
खुद के सवालो पर डगमगाया लग रहा था ,उसके आसुओने भी उसे भिगोया सा लग रहा था
इंसानियत से शायद डरा डरा सा लग रहा था
फिर भी उसे देखकर कुछ और भी लग रहा था , वो पहली नजर में ही बड़ा योद्धा लग रहा था
सब कुछ होकर भी टुटा टुटा लग रहा था ,खुद के ही सवालोंसे परेशां लग रहा था
उसकी नजर अब मुझे उलझाने लगी
उसकी रूह भी शायद मुझे बुलाने लगी
मै डर डर के दब दब के उसकी ओर बढ़ने लगा
उसका डरावना रूप मुझे घायल करने लगा
पास जाकर रुका और देखा उसकी ओर तो रोंगटे खड़े हो गये
लगा ऐसे की मेरे आधे किस्से जन्नत में पोहोच गए
उसकी ऐसी हालत देख आँख ने भी आसु निकाल दिया
एक पल का भी इंतजार न हुआ मैंने उसे गले लगा लिया
बिठाया मैंने उसको पूछा उसके बारे में
बताने लगा वो मुझे दुनियादारी के बारे में
उसकी बाते सुनकर मै सिहर ने लगा था
मेरा भी खून अब खौलने लगा था
लहरों के भाती लहू उछलने लगा था
खुद की ही आग में मै जलने लगा था
बहुत देर तक मुझे वो कुछ समझाए जा रहा था
मै भी उसकी बाते बहोत ध्यान से सुने जा रहा था
आज हुआ भी बहोत कुछ था या शायद आगे होनेवाला था
इसलिए वो मुझसे मिलने आया था
भगवान ने भी आज चक्कर ऐसा चलाया था
की प्यासे के पास खुद समंदर चल के आया था
मुझको ही मुझसे बदलने आया था
बहोत अरसे बाद मुझसे मिलने मेरा दिल आया था
बहोत अरसे बाद मुझसे मिलने मेरा दील आया था
➤➤➤➤➤➤➤

ALL RIGHTS RESERVED AT RAJ BORSE & BGSM
➣➣➣➣
– घनश्याम –

कवि : राज योगेश बोरसे
दिल को आज बड़ा ही सुकून मिला है
उनको सामने पाकर, दिल खील गया है
रोशन हुई है ये सारी फ़िज़ाए
मेरे सामने आज खुद मेरा घनश्याम खड़ा है
देख रहा था वो मुझे बड़ी प्यार भरी निगाहो से
गुलजार था ये समा इन सारी फिजाओं से
ये आज का नहीं हमारा बड़ा पुराना रिश्ता है
लेकिन आया आज सामने ऐसे
जैसे सोना पानी से भी सस्ता है
उसके एक अंश के दर्शन मात्र से ही, मै ऐसा घुल गया
वो खड़ा ही रहा मै उसे बिठाना भूल गया
देखे जा रहे थे दोनों एक दूसरे को बिना पलके झपकाए
हम दोनों शामिल थे ऐसे आँखो ने बस आँसू टपकाए
मै इन सारे पलों में ऐसा खो रहा था
जैसे कोई मेरे आयत के लिए आज ही सारे इनायतेँ दे रहा था
नहीं दे रहा था, आज वक्त भी नजाकत
ताकते ताकते हम दोनों को, उस ही लम्हे पर रुककर हमें दे रहा था दावत
आज सच मे दिन बहुत बड़ा है
क्यों की मेरे सामने घनश्याम खड़ा है
बिखर कर टूट गया वो लम्हा अचानक, जो मेरा अपना था
होश में आया तो पता चला की ये मेरा सपना था
उस एक पल ने बहुत कुछ दिलाया था
सपना ही सही पर भगवान तो मिला था
कर रहा था मै दुआ ,भगवान से मेरे
मेरे भगवान ने शायद इसी पल का इंतजार करवाया है
मुझको आज मेरे भगवान से मिलाया है
जो नजारे ने आज सपने में दिखाया है
मुझ को आज मेरे कृष्ण से मिलाया है….
THE END
- ALL RIGHTS RESERVED AT RAJ BORSE & BGSM
➣➣➣➣
दिल के इशारे

कवि : राज योगेश बोरसे
दिल के इशारे समझा करो , यह कुछ कह रहे है
कुछ तो कह रहे है ,आंसू बनकर आंखोसे फ़ोकट में थोड़ी बह रहे है ;
दिल कर रहा है थोड़ी बहोत मिन्नतें , उसे समझा करो
ख्वाबो के पीछे दौड़ने से पहले हालत को तो समझा करो
दिल कहता है , ख्वाबो का क्या है ,रुस्वा हो गये तो नए देख लेंगे ,
अगर हालत रुस्वा हो गए तो तुज़को पापड जैसे सेख देंगे
अभी तो समझले वक्त की नज़ाकत , वक़्त बहोत कम है
इसे कमा लिया तो जिंदगी है , नही तो जिंदगी में बस गम ही गम है
रुस्वा हो जाते है अक्सर हालात हर वक़्त , काबू में नहीं रहती है
हालत से आगे रहा तो ये वक़्त भी तेरा है और इसीमे कामयाबी तेरी है
वास्तविकता का स्वीकार करेगा , हवामे बाते नहीं करेगा
इसीसे आगे बढ़ेगा तू , और ये जमाना तेरा रहेगा
अरे यार ,
अभी तो दिल के इशारे समझले ,यह कुछ कह रहे है
कुछ तो कह रहे है ,आंसू बनकर आंखोसे फ़ोकट में थोड़ी बह रह है !
THE END
- ALL RIGHTS RESERVED AT YOGESH BORSE & BGSM