भटकती आत्माए | हिंदी भयकथा संग्रह | E-BOOK | Hindi Horror Stories

          भटकती आत्माए |

हिंदी भयकथा संग्रह | E-BOOK |      Hindi Horror Stories

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Bhatkati Aatmae

Sample Here For you :- 

                     -:ब्रिज :-

 

                   ” ए ,तुमने भूत देखा है क्या ?”

  एक लड़के ने पुछा ! जिसका नाम सुमित था !

  ” क्या …… ? भूत ……? तूने देखा है ? या अभी अभी देख कर आ रहा है ? “

  रघू ने पुछा।  रघू ,विनय ,सुमित और राकेश ,चारो दोस्त थे !

 “अगर अभी देखकर आ रहा है तो हमें भी दिखा दे !”

  सुमित की बात सुनकर तीनो हस पड़े, लेकिन सुमित नहीं हसा।  वो किसी पागल की भांति उनकी ओर देखता रहा !

     विनय ने कुछ अलग महसूस किया ! उसने रघू और राकेश को चुप कराया !

  ” सुमित क्या हुआ ?……. अरे बोल ना !”

  सुमित ने इशारा किया ,

  ” मै उस ब्रिज के ऊपर से आ रहा था ! एक औरत उस ब्रिज की दिवार पर चढ़ी थी ! मुझे कुछ समझ में आता उसके पहले ही उसने छलांग लगा दी ! मैंने भागकर देखा तो निचे कोई नहीं था ! अगर औरत कुदी थी , तो वहाँ निचे पड़ी होती ! लेकिन कोई नहीं था ! मुझे लगा की मैंने भूत देख लिया इसलिए इधर आया ! और तुम लोगो को पुछा ! “

      रघु ,विनय और राकेश एक दूसरे का मुँह ताकने लगे ! रघु ने पुछा ,

 “ए भाई ,तुम्हारी तबियत तो ठीक है न ?”

 ” हां ,क्यों ? मै तो बिलकुल ठीक हूँ ! “

 विनय से रहा नहीं गया ,

 ” अरे तूने अभी कहा की तुम भूत देखकर आ रहे हो ! फिर भी ठीक है बोल रहा है ? “

   ” हां ,मै बिलकुल ठीक हूँ ! उसका एक रीजन है ! “

  “क्या ?”

 ” देखो हमें डर कब लगता है ? जब हम जो देखे उसे स्वीकार नहीं करते ! जो है उसे एक्सेप्ट नहीं करते है ! “

  “मतलब ?”

 ” ये देखो ,समझो मैंने ऐसा सोचा होता की ये हो ही नहीं सकता ! बापरे ! मैंने ये क्या देख लिया ? तो मै डरा होता ! लेकिन मैंने पहले ही एक्सेप्ट कर लिया ,की मैंने जो कुछ देखा वो सच है  ! THAT’S IT ! तकलीफ उसे होती है जो खुद पर विश्वास नहीं करता ! लेकिन मुझे अपने आप पर पूरा भरोसा है !”

   तीनो सोचने लगे ,उन्होंने भी सुना था की रात में एक औरत उस ब्रिज से कूदती है ! लेकिन उन्हें विश्वास  नहीं था !

   उन्हें लगता था की किसी ने ये अफवा फैलाई है ! डराने के लिए ! या फिर थ्रिल सस्पेन्स क्रिएट करने के लिए !

   लेकिन आज उनका ही दोस्त देख कर आया था , तो सच है या झूठ ? पता कैसे चले ?

   एक ही विकल्प था , खुद जाकर देखना !

 अगर इसने देखि तो हमें भी दिखेगी ! विनय से रहा नहीं गया !

   ” सुमित , मुझे भी देखना है ! बहोत बार उस औरत के बारे में सुना है ! लेकिन यकीन  नहीं होता ! लेकिन तू इतने विश्वास से कह रहा है तो सच ही होगा ? मुझे भी देखना है ! “

  उसने रघू और राकेश की ओर देखा ! दोनों की पहले ही फटी पड़ी थी !

 ” हमें पूरा यकीन है ! फूल गॅरंटी है ! औरत है ! और वो कूदती भी है ! ok ! accepted !”

दोनों निकल गए ! विनय को गुस्सा आ गया।

 ” फट्टू साले ! कब से बत्तीसी दिखा रहे थे ! और अब भूत देखने की बारी आयी तो दुम दबाके भाग गए !

 ” जाने दे विनय ! तुझे देखना है न ? फिर ठीक है ! कल देख लेना ! मै थोड़ा जल्दी आ जाऊंगा ! ब्रिज के पास ,तुम्हारी राह देखूंगा ! देर मत करना ,वरना चांस निकल जायेगा ! “

  “अरे यार वो क्या रोज कूदती है क्या ? “

विनय अभी भी गुस्से में था ! न जाने क्यों उसका मूड  ख़राब हो गया था।  जिसका कारण  उसे भी समझ नहीं आ रहा था !

  “हां ,वो रोज कूदती है ! और अगर वो नहीं कूदी तो मै हूँ न ! “

  “मतलब ?”

 विनय को समझ नहीं आया।

 “कुछ नहीं ! “

 सुमित ने बात टाल  दी।  दोनों वहाँ से निकले।  विनय अपने घर पोहोचा।  उसकी माँ इंतजार कर रही थी ,

 “अरे सुमित कहाँ है ? उसकी माँ का फोन आया था ! तुम लोग इतनी देर रात तक कहाँ घूमते रहते हो ? घरवालों की थोड़ी तो फ़िक्र किया करो ! “

    “माँ , दिन भर काम करके थक जाते है ! बोर हो जाते है ! दोस्तों को मिलकर जरा अच्छा लगता है ! सुमित भी घर गया है !”

  इतना कहकर विनय ने आराम से खाना खाया ,और सो गया !

    थोड़ी देर  बाद कुछ आवाज से उसकी नींद खुली ! जैसे कोई उसे पुकार रहा था !

  धीरे धीरे !

 बाद में किसीने दरवाजा खटखटाया।  विनय ने दरवाजा खोला ! सुमित था बाहर !

      “विनय मुझे बचा ले यार ! वो औरत मुझे हर घडी , हर जगह दिख रही है ! वो मुझे….. वो मुझे ब्रिज पर बुला रही है ! “

 विनय नींद में था ,तो उसे ध्यान नहीं आया !

  ” सुमित अरे कौनसी औरत ? “

 “अरे वही जिसने ब्रिज से कूदकर अपनी जान दी थी ! “

 “सुमित तू भी कमाल करता है यार ! जब देखा तब डरा नहीं , और अब डर रहा है ! “

    सुमित रोने पे आ गया !

 “विनय प्लीज ,चल ना यार ! वो घडी घड़ी बुलाती है ! मुझे डर लग रहा है ! प्लीज चल ना ! “

विनय का दिमाग घूम गया !

 ” चल तो कौनसी औरत है देखते है ! आज देखना ही पड़ेगा ! “

उसने कपडे पहन लिए !

  “सुमित चल ! “दोनों निकले।

    पीछे से माँ ने आवाज दी ,लेकिन विनय नहीं रुका ! वो बाहर निकल गया।

 ” अरे जरा धीरे चल न !”

 विनय ने सुमित से कहा

 “इतनी भी क्या जल्दी है ? नहीं तो रुक ,बाइक लेते है ! “

लेकिन सुमित जैसे हवा से बाते कर रहा था।  विनय को लगा ये डर के मारे भाग रहा है ! वो भी उसके पीछे भागा ! दोनों ब्रिज के पास पोहोचे।

     ब्रिजपर अँधेरा था !  वहा कोई नहीं था।

 “क्या भगाया यार ! “

  विनय हाँफते हुए बोला।

 ” जरा रुक !”

 और थोड़ा निचे झुक कर सांस लेने लगा।  थोड़ी देर बाद नॉर्मल हुआ।

  ” सुमित एक  बात कहूँ ? “

  “क्या ?”

 ” ये देख ,ऐसा कुछ नहीं होता ! बहोत बार क्या होता है की हम कुछ पढ़ते है , पिक्चर में देखते है तो कोई इमेज हमारे दिमाग पर मेमरी पर बुरी तरह छप जाती है !  

और ऐसे लोकेशन पर बाहर निकलती है जहाँ वैसा माहौल हो ! और हमें वही बात सच लगती है ! 

और तुम इन सब बातो पर विश्वास भी करते हो ! “

   ” जरा देखो ,ये ब्रिज कितना बड़ा है ! हाइट कितनी है ! यहाँ अँधेरा कितना है ! तुम यहाँ से गुजर रहे थे तो तुम्हे ऐसा लगा होगा की कोई अँधेरे में बैठा है और तुम्हे देखकर कूद गया ! मै  यही बात तुम्हे कल समझाने वाला था ! लेकिन तुम मुझे आज ही यहाँ लेकर आ गए ! “

    ” विनय मैंने उस औरत को अपनी आँखों से कूदते हुए देखा था ! वो औरत ऐसे इधर आयी ,ऐसे दिवार पर चढ़ी और ऐसे….. “

 ” सुमित गिर जाओगे !” विनय जोर से चिल्लाया।

 “और ऐसे….. “

 “सुमित sssss ….. “

    विनय उसकी ओर भागा सुमित को निचे गिरते हुए उसने देखा ! वो दूसरी ओर से ब्रिज के निचे की ओर भागा !

 ‘अरे ये कहाँ गया ? अगर कूदा था तो ये इधर ही आसपास पड़ा हुआ मिलता ! लेकिन यहाँ तो  नहीं है ? ‘

     ” मै भी क्या पागल हूँ अच्छा खासा सोया हुआ था। सुमित का ख्याल दिमाग में आया और मै नींद में उठकर यहाँ आ गया ! चलो निकलते है यहाँ से ! “

 कुछ देर में विनय घर पोहोचा ! उसकी माँ बाहर ही खड़ी थी !

 “विनय ,तुम्हे क्या हो गया है ? कब से तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ ,तुम्हे आवाज भी दी ! अकेले कहाँ गए थे ! अरे सुमित की माँ का फोन आया था ! उसका एक्सीडेंट हो गया  ब्रिज के पास ! “

     विनय को झटका सा लगा !

” what ?”

 ” अरे वो रात को घर से निकला ! वापस घर पोहोचा ही नहीं ! बाद में किसी ने पोलिस स्टेशन फोन कर के बोला  की ब्रिज के पास कोई पड़ा है ! “

    ” माँ , ये कैसे हो सकता है ! सुमित मेरे साथ था ! हम दोनों साथ में घर आए ! अभी भी …… “

 विनय आगे कुछ नहीं बोल पाया ! उसके ध्यान में आ गया उसके पसीने छूट गए !

  “मतलब सुमित …..? “

  वो उल्टा पीछे की ओर भागा ! सुमित के घर की ओर !

 ” अरे रुक ना ! मै भी आती हूँ ! “

 माँ पिछे से आवाज देती रही ! लेकिन वो नहीं रुका ! सुमित के घर पोहोचा ,वहां रघू और राकेश उसीका इंतजार कर रहे थे ! उसे देखते ही उससे लिपट गए और रोने लगे ! लेकिन विनय शांत था ! तीनो घर में गए !

   “अस्पताल नहीं गए ? “

  ” नहीं ! मौका ही नहीं मिला !”

 सुमित की डेडबॉडी देखकर विनय अपना होश खो बैठा !

 “मै उस औरत को छोडूंगा नहीं ! मेरे दोस्त को मारा ! छोडूंगा नहीं उसे ! “

 वो बाहर की ओर भागा ! रघु और राकेश उसे आवाज देते रहे

  “अरे कौनसी औरत ? कहाँ भाग रहे हो ? रुको !”

 रघू और राकेश उसके पीछे भागे !

        विनय भागता हुआ ब्रिज पर पोहोचा ! उसने इधर उधर देखा , अँधेरे में कोई ब्रिज पर बैठा था ! वो शायद कोई औरत थी !

  ” यही है वो ! ए ,रुक ! “

  विनय उस ओर भागा।  उसे आता देखकर वो दिवार पर खड़ी हो गयी ! विनय जैसे ही नजदीक पोहोचा वो कूद गयी !

    “ए ,रुक ! कहाँ भाग रही है ? “

 विनय भी उस दिवार पर चढ़ा !

  “विनय ,रुक !”

   रघु और राकेश जोर से चिल्लाये ! विनय को जब तक बात समझ में आती ,देर हो गयी थी ! उसका ध्यान निचे की ओर गया ! उसका बॅलन्स बिगड गया ! और वो निचे गिर गया ! निचे गिरते गिरते उसका ध्यान उस औरत की ओर गया ! वो निचे खड़ी उसकी ओर देख रही थी ! और अंधेरे में ब्रिज के निचे कोई था

। विनय के मुँह से आवाज निकली,

  ” सुमित ! …..”

 और वो जोरसे पत्थरोंपर टकराया।  उपर से रघु और राकेश ने उसे निचे गिरते हुए देखा था।  वो दूसरी ओर से निचे उतर आए !

       विनय की आँखों में उनकी पहचान के भाव थे

  ” ए विनय ,अरे उठ यार ! ये क्या कर दिया !”

   विनय के सर से खून बह रहा था ! दोनों रोने लग गए ! उसने हाथ से इशारा किया और उसकी गर्दन एक ओर लुढ़क गई ! उनका ध्यान सामने की और गया अभी वहाँ पर दो परछाई थी और वो दोनों को पहचानते थे ! ब्रिज पर ऊपर की और ध्यान गया ,वो औरत ऊपर बैठी थी !

     उनकी और देख रही थी ! इनसे नजरे मिलते ही वो कूद गयी ! ये दोनों डर गए ,पीछे की ओर खिसके ! लेकिन वो निचे तक नहीं आयी !

  मतलब एक ही था , अब रघू और राकेश की बारी थी !

  …….. नजरे घुमाई तो –

    वो औरत उनके उनके पास खडी थी !

                     💀💀💀💀💀💀💀💀💀

This is a work of fiction for entertainment ! 

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